अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुन्दोली राइडर्स क्लब ने ऐतिहासिक अनाशक्ति आश्रम बागेश्वर में  बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया - Pahadvasi

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुन्दोली राइडर्स क्लब ने ऐतिहासिक अनाशक्ति आश्रम बागेश्वर में  बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुन्दोली राइडर्स क्लब ने ऐतिहासिक अनाशक्ति आश्रम बागेश्वर में  बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

बागेश्वर/देहरादून। उत्तराखंड के मनोरम पहाड़ों में, बागेश्वर जिले के अंतर्गत आने वाले कौसानी में स्थित ऐतिहासिक आश्रम अनाशक्ति आश्रम, 21 जून 2024 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में गवाह बना एक अनूठे समारोह का। इस कार्यक्रम में मुन्दोली राइडर्स क्लब (MRC) के साइकिल चालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर योग दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

6200 फीट की ऊंचाई पर योग का अनूठा संगम

करीब 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित अनाशक्ति आश्रम के शांत वातावरण में योग का यह आयोजन अपने आप में खास रहा। कार्यक्रम में मुन्दोली राइडर्स क्लब के संस्थापक श्री कलम सिंह बिष्ट के साथ साइकिल चालक अंजू बिष्ट, करण बिष्ट और साहिल पंचोली ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इनके अलावा कार्यक्रम में 20 से अधिक डॉक्टरों की टीम, अनाशक्तिआश्रम के 7 सदस्य, सरकारी विभागों के 20 से अधिक प्रतिनिधि, 60 से अधिक स्कूली बच्चे, 50 से अधिक पर्यटक और 50 से अधिक स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस पावन अवसर पर योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित सभी लोगों ने आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम में बच्चों से लेकर वयस्कों और बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का यह एक सफल प्रयास रहा।

मुन्दोली राइडर्स क्लब ने किया सराहनीय प्रयास

मुन्दोली राइडर्स क्लब के इस पहल की सराहना करते हुए कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य व्यक्तियों ने बताया कि किस तरह साइकिलिंग के साथ-साथ योग को अपनाने से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों से बातचीत  करते हुए मुन्दोली राइडर्स क्लब के संस्थापक श्री कलम सिंह बिष्ट ने कहा कि “मुन्दोली राइडर्स क्लब का उद्देश्य न केवल साइकिलिंग को बढ़ावा देना है बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।”

अनाशक्ति आश्रम के ऐतिहासिक महत्व को याद किया गया

कार्यक्रम के दौरान अनाशक्ति आश्रम के ऐतिहासिक महत्व को भी याद किया गया। 1929 में महात्मा गांधी के आवास के रूप में विख्यात इस आश्रम का शांत वातावरण योग के अभ्यास के लिए उपयुक्त मंच साबित हुआ। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ आहार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों के बीच सद्भावना और आपसी जुड़ाव को और मजबूत बनाया।

यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का एक ऐसा समारोह था, जिसने न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया बल्कि सामुदायिक जुड़ाव और पर्वतीय क्षेत्रों में योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी साबित हुआ।