डीएम ने जोशीमठ भू-धंसाव की रिपोर्ट शासन को भेजी, 561 भवनों में आई दरार
पहाड़वासी
गोपेश्वर/देहरादून। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने जोशीमठ भू-धंसाव की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सचिव को भेज दी है। डीएम ने बताया कि नगर में कुल 561 भवनों में दरार आई है। साथ ही दो बहुमंजिला होटलों के खतरे की जद में आए पांच भवन खाली कराए गए हैं। सचिव को भेजी रिपोर्ट में डीएम ने बताया कि नगर पालिका जोशीमठ की जांच के आधार पर गांधी नगर में 127, मारवाड़ी में 28, लोअर बाजार नृसिंह मंदिर में 24, सिंहधार में 52, मनोहर बाग में 69, अपर बाजार डाडों में 29, सुनील में 27, परसारी में 50, रविग्राम में 153 सहित कुल 561 भवनों में दरार आई है।
होटल माउंट व्यू व मलारी इन के खतरे की जद में आए पांच भवनों को खाली करवा कर छह परिवारों को पालिका के भवनों में और सिंहधार के तीन परिवार प्राथमिक विद्यालय सिंहधार में शिफ्ट किए गए हैं। दो परिवार अपने दूसरे भवनों में चले गए हैं। मनोहर बाग के दो भवनों को खाली कराकर एक परिवार को मिलन केंद्र में शिफ्ट किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित जोशीमठ-औली रोपवे के टावर नंबर एक के साइड के समीप आवासीय भवन के पास भूमि पर लगभग छह से नौ इंच मोटी दरार आई है। ये दरार करीब 500 मीटर क्षेत्र में फैली है।
मारवाड़ी वार्ड में जेपी हाइड्रो पावर के परिसर में स्थित भवनों में अत्यधिक मात्रा में दरारें आ चुकी है। परिसर में पानी निकल रहा है जिसका पता करने के लिए हाइड्रोलॉजी विभाग से जांच कराई जानी चाहिए। नगर क्षेत्र स्थित विभिन्न वार्ड में पहाड़ी ढाल के कई स्थानों पर दरारें आई है।
वहीं, प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने के लिए नोडल अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें यूपीसीएल के एसडीओ अभिनाश भट्ट को राजकीय इंटर कॉलेज जोशीमठ, जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता को राजीव गांधी अभिनव विद्यालय, बीकेटीसी के कर्मचारी भूपेंद्र सिंह राणा को मंदिर समिति गेस्ट हाउस, खंड विकास अधिकारी पन्ना लाल आर्य को गुरुद्वारा की जिम्मेदारी दी गई है।
Your point of view caught my eye and was very interesting. Thanks. I have a question for you.
Your article helped me a lot, is there any more related content? Thanks!