खेल, अनुशासन और समाज सेवा का संगम: कलम सिंह बिष्ट के कार्यों की सेना ने की मुक्त कंठ से प्रशंसा।
सेना और समाज के बीच सेतु बने पूर्व सैनिक: भविष्य में सहयोग व समर्थन का दिया गया आश्वासन।
लखनऊ।आर्मी डे के पावन अवसर पर लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में देश के एक सच्चे सपूत, *पूर्व सैनिक (EX NK) कलम सिंह बिष्ट को उनके असाधारण खेल, अनुशासित जीवन और समाज सेवा के लिए GOC-in-C, Maj Gen Naveen Mahajan, SM सेंट्रल कमांड* द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस विचारधारा का सम्मान था, जो यह सिखाती है कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्र सेवा निरंतर जारी रह सकती है।
कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक, जवान, उनके परिजन तथा विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में देशभक्ति, अनुशासन और प्रेरणा की भावना स्पष्ट रूप से महसूस की जा सकती थी।
पूर्व सैनिक से अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर तक का सफर
कलम सिंह बिष्ट का जीवन संघर्ष, संकल्प और साधना की मिसाल है। भारतीय सेना में नायक (NK) के पद पर रहते हुए उन्होंने अनुशासन, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता को आत्मसात किया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने आराम का जीवन नहीं चुना, बल्कि अपने अनुभव और अनुशासन को समाज के लिए समर्पित कर दिया।
एक अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर के रूप में कलम सिंह बिष्ट ने कठिन पहाड़ी रास्तों, रेगिस्तानी ट्रेल्स और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का तिरंगा लहराया। उन्होंने यह साबित किया कि उम्र कभी भी सीमाएं तय नहीं करती, बल्कि संकल्प ही असली शक्ति है।
GOC-in-C सेंट्रल कमांड का प्रेरणादायी संबोधन
सम्मान समारोह के दौरान GOC-in-C Maj Gen Naveen Mahajan, SM सेंट्रल कमांड लखनऊ ने अपने संबोधन में कहा:- “पूर्व सैनिक कलम सिंह बिष्ट न केवल सेना के गौरव हैं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत भी हैं। खेल के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, स्वास्थ्य और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाना अत्यंत सराहनीय कार्य है।”
उन्होंने कहा कि सेना हमेशा ऐसे पूर्व सैनिकों पर गर्व करती है, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश और समाज के लिए सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
समाज सेवा में अनूठा योगदान
कलम सिंह बिष्ट केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवी भी हैं। उन्होंने उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में *गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों के लिए MUNDOLI RDERS CLUB जैसे गैर-पंजीकृत सामाजिक संगठन की स्थापना की।
इस क्लब के माध्यम से बच्चों और युवाओं को:-
* रनिंग
* साइक्लिंग
* पर्वतारोहण
* योग
* मुक्केबाजी
* बैडमिंटन
* आत्मरक्षा
* कंप्यूटर शिक्षा
* प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
* पर्यावरण संरक्षण व वृक्षारोपण
जैसी गतिविधियों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
सेना ने की सामाजिक कार्यों की खुलकर सराहना
GOC-in-C Maj Gen Naveen Mahajan, SM ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि कलम सिंह बिष्ट द्वारा पहाड़ के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल और अनुशासन से जोड़ने का कार्य राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा:-“ऐसे प्रयासों से ही मजबूत भारत की नींव रखी जाती है। सेना भविष्य में इस प्रकार के सामाजिक और खेल संबंधी प्रयासों में हरसंभव सहयोग देने के लिए तत्पर है।”
भविष्य में सहयोग और समर्थन का आश्वासन
सम्मान समारोह का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा भविष्य में सहयोग का आश्वासन। सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया
* खेल प्रशिक्षण
* युवाओं के लिए मार्गदर्शन
* पूर्व सैनिकों के सामाजिक प्रयास
* राष्ट्र निर्माण से जुड़े अभियानों में कलम सिंह बिष्ट जैसे पूर्व सैनिकों के साथ तालमेल बढ़ाया जाएगा।
यह संदेश स्पष्ट था कि सेना केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर सकारात्मक प्रयास में सहभागी है।
आर्मी डे पर प्रेरणा का जीवंत उदाहरण
आर्मी डे का यह आयोजन केवल सैन्य परेड या औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि यह दिखाने का अवसर था कि सेना के मूल्य—अनुशासन, सेवा और बलिदान—सेवानिवृत्ति के बाद भी जीवित रहते हैं।
कलम सिंह बिष्ट जैसे व्यक्तित्व इस बात का प्रमाण हैं कि एक सैनिक कभी रिटायर नहीं होता, वह केवल अपनी वर्दी बदलता है।
सम्मान पाकर भावुक हुए कलम सिंह बिष्ट
सम्मान प्राप्त करने के बाद कलम सिंह बिष्ट ने कहा:-“यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं और बच्चों का है, जिनके साथ मैं काम करता हूं। सेना ने जो अनुशासन और साहस मुझे दिया, वही मैं समाज को लौटा रहा हूं।”
उन्होंने सेंट्रल कमांड और भारतीय सेना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी व ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
युवाओं के लिए संदेश
अपने संक्षिप्त संदेश में उन्होंने युवाओं से कहा कि:-
* खेल को जीवन का हिस्सा बनाएं
* अनुशासन अपनाएं
* नशे और नकारात्मकता से दूर रहें
* देश और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लें
एक प्रेरक अध्याय का साक्षी बना लखनऊ
लखनऊ में आयोजित यह आर्मी डे समारोह एक ऐसे प्रेरक अध्याय का साक्षी बना, जहां सेना, खेल और समाज सेवा एक मंच पर एक-दूसरे से जुड़े।
पूर्व सैनिक एनके कलम सिंह बिष्ट का सम्मान यह संदेश देता है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो एक व्यक्ति भी समाज और राष्ट्र में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
निष्कर्ष
आर्मी डे के अवसर पर GOC-in-C सेंट्रल कमांड द्वारा किया गया यह सम्मान न केवल कलम सिंह बिष्ट के योगदान की स्वीकृति है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है।
यह आयोजन यह साबित करता है कि *भारतीय सेना केवल युद्धभूमि में ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है, और ऐसे पूर्व सैनिकों को सम्मान देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश दे रही है।