-देव भूमि में पैर रखते ही, हजारों साल की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होताः केन्द्रीय गृह मंत्री
-शाह ने पतंजलि योगपीठ में पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया
हरिद्वार। गृहमंत्री अमित शाह ने पतंजलि योगपीठ में पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हास्पिटल का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत आदि मौजूद रहे। इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित शताब्दी समारोह स्थल बैरागी कैंप पहुंचे। माता भगवती देवी शर्मा और पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को पुष्पांजलि दी और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देव भूमि में पैर रखते ही, हजारों साल की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। देवभूमि में भी हरिद्वार में आया हूं। यह कुंभ क्षेत्र है ऋषियों की तपस्या की भूमि है, जहां लाखों साधु संतों ने करोड़ों लोगों की आत्मा का अध्यात्म का रास्ता इसी भूमि से किया है। अखंड ज्योति का अनुभव कर रहा हूं, यह मेरा मन ही जानता है कि यहां से कितनी चेतना लेकर वापस जाऊंगा।
आस्था, संस्कृति और अध्यात्म ये तीनों का संगम स्थल है। पंडित श्रीराम शर्मा ने इन तीनों को पुनर्जिवित करने के लिए व्यक्ति निर्माण का रास्ता चुना। हर व्यक्ति के अंदर बसे हुए परमात्मा रूपी आत्मा को जागरुक और ऊर्जा वान करने का काम किया।
डॉ. चिन्मय ने जो राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया है व प्रसंशनीय है। जो लोग सनातन संस्कृति, सनातन धर्म, भारत के इतिहास को जानते हैं उन सभी को दृढ़ विश्वस है कि अगर विश्व भर की समस्याओ का समाधान कहीं है तो वह भारतीय परंपरा में है। अध्यात्मिक रूप से भारत का पुनर्निर्माण केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि समस्त विश्व के लिए कल्याणकारी होने वाला है।
स्वामी विवेकानंद हो, महर्षि अजुन हो, या पंडित श्रीराम शर्मा हों, इन सभी ने अपनी ओजस वाणी में विश्वास किया है कि जब भारत पूर्ण तेज के साथ जागरूक होगा तो भारत पूरे विश्व को तेजोमय बनायएगा। उन्हें विश्वास है कि ऐसे मनीषियों की वाणी कभी विफल नहीं जाती है। उनके मुख से जो वचन निकले हैं, उन्हें हमें ब्रह्मा के वचन मानकर आगे बढ़ना पड़ेगा। पंडित श्रीराम शर्मा ने गायत्री मंत्र के माध्यम से भक्ति को गर्भगृह से निकालकर लोगो की जीवा और आत्मा तक पहुंचाने का काम किया।
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा ने अनेक जीवनों का काम एक ही जीवन में करके दिखाया है। एक ऐसा वट वृक्ष बनाया जिसमें 100 से अधिक देशों में करोड़ अनुयायी अध्यात्म के मार्ग पर अपने जीवन का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अखड़दीप की शताब्दी वर्ष है। जो आज करोड़ लोगों के मन को प्रकाश दे रहा है। 1925-26 का साल राष्ट्रीय पुनर्जागरण का साल रहा है। उसी वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई। संघ भी आज शताब्दी वर्ष मना रहा है। उसी वक्त भाईजी ने गीता प्रेस गोरखपुर की स्थापना की वह भी आज शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। अखंड ज्योति जो प्रज्वलित हुई और माता भगवती का भी उसी वर्ष जन्म हुआ। ये सभी कार्य एक ही समय होने का मतलब है कि उस वर्ष को इश्वर ने ही भारत के पुनर्जागरण के लिए निर्मित किया हो। कार्यक्रम में मंच पर शताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य सभा सदस्य महेंद्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक मौजूद हैं।