मुन्दोली। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखंड के चमोली जनपद अंतर्गत मुन्दोली क्षेत्र में देशभक्ति, अनुशासन और एकता का भव्य दृश्य देखने को मिला। मुन्दोली राइडर्स क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में क्लब के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों ने एक साथ भाग लेकर यह संदेश दिया कि सच्चा गणतंत्र जन-जन की भागीदारी से ही मजबूत होता है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल शांत, अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुई। चारों ओर तिरंगे की छटा, देशभक्ति गीतों की गूंज और बच्चों के चेहरों पर गर्व की चमक साफ झलक रही थी। इस अवसर पर मुन्दोली राइडर्स क्लब के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर, पूर्व सैनिक एवं समाजसेवी श्री कलम सिंह बिष्ट ने विधिवत राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जैसे ही तिरंगा हवा में लहराया, उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गान गाया और वातावरण “भारत माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के पश्चात श्री कलम सिंह बिष्ट ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गणतंत्र का वास्तविक अर्थ केवल अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्तव्यों का निर्वहन ही इसके मूल में है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, खेल, अनुशासन और सेवा के माध्यम से देश के सशक्त नागरिक बनें। उन्होंने कहा, “आज का भारत युवाओं के कंधों पर खड़ा है। अगर हम स्वस्थ, अनुशासित और चरित्रवान युवा तैयार करेंगे, तभी हमारा गणतंत्र और मजबूत होगा।”
इस आयोजन में मुन्दोली राइडर्स क्लब के विद्यार्थियों ने विशेष भूमिका निभाई। बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत नारे लगाए, राष्ट्रगान का गायन किया और अनुशासित पंक्तियों में खड़े होकर यह सिद्ध किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं। क्लब द्वारा बच्चों को नियमित रूप से रनिंग, साइक्लिंग, पर्वतारोहण, योग, आत्मरक्षा, खेल प्रशिक्षण और संस्कार शिक्षा दी जाती है, जिसका प्रभाव इस कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
ग्रामीणों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। बुजुर्गों से लेकर युवा वर्ग तक, सभी ने एक साथ खड़े होकर तिरंगे को सलामी दी। कई ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में देशप्रेम की भावना मजबूत होती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और बच्चों के साथ “भारत माता की जय” के नारे लगाकर वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान गणतंत्र दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाया और एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाई। यह दिन हमें संविधान के मूल्यों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
मुन्दोली राइडर्स क्लब के संस्थापक श्री कलम सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि क्लब का उद्देश्य केवल खेल या फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि समग्र व्यक्तित्व विकास है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र के बच्चों को सही मार्गदर्शन, अनुशासन और अवसर मिलें, इसी लक्ष्य के साथ क्लब निरंतर कार्य कर रहा है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों और ग्रामीणों को एक साथ जोड़ना इसी सोच का हिस्सा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए संकल्प लिया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि वे नशे, नकारात्मकता और भटकाव से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सेवा के मार्ग पर चलें। वातावरण में देशभक्ति की ऐसी लहर थी कि हर चेहरा गर्व से दमक रहा था।
समापन के समय एक बार फिर “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक समारोह था, बल्कि गणतंत्र की आत्मा को जीने का सशक्त उदाहरण भी था। मुन्दोली राइडर्स क्लब द्वारा आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि जब समाज, युवा और बच्चे एक साथ आते हैं, तो देशभक्ति केवल शब्द नहीं, बल्कि एक जीवंत भावना बन जाती है।