रुद्रप्रयाग। समाज में जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारी की जीती-जागती मिसाल पेश करते हुए पुलिस ने दो सजग बस कर्मचारियों को सम्मानित किया। बस चालक उपेन्द्र थपलियाल और परिचालक ऋतुराज सिंह की सूझबूझ से दो नाबालिग बालिकाएं सुरक्षित अपने परिजनों के पास पहुंचीं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले जिले की दो नाबालिग लड़कियां बिना बताए घर से निकल गई थीं। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिकाओं का विवरण सीमावर्ती जिलों और थाना-चौकियों तक पहुंचाया। इसी बीच, बस यूके 10 टीए 0242 के चालक उपेन्द्र थपलियाल (निवासी मयाली, रुद्रप्रयाग) और परिचालक ऋतुराज सिंह (निवासी मातली, उत्तरकाशी) ने देखा कि दो छोटी लड़कियां अकेली बैठी हैं। उनके पास न किराया था और न ही कोई अभिभावक। संदेह होने पर दोनों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बालिकाओं को पुलिस चौकी कलियासौड़ (कोतवाली श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल) सौंप दिया। वहां से रुद्रप्रयाग पुलिस ने उन्हें सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडें के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सुरेश चन्द्र बलूनी ने दोनों कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “ऐसे सजग नागरिक ही समाज के असली हीरो हैं। इनकी सतर्कता ने न केवल दो परिवारों की खुशियां लौटाईं, बल्कि अपराध रोकने में भी पुलिस का सहयोग किया। पुलिस इनके जज्बे को सलाम करती है। जनपद पुलिस ने जनमानस से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असहाय व्यक्ति या बच्चे की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।