प्रशासन को चेतावनी, समाधान नहीं तो होगा जन आंदोलन
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड क्षेत्र में इन दिनों व्यापारियों और वन विभाग के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। गौरीकुंड क्षेत्रांतर्गत जंगलचट्टी में वर्षों से संचालित अस्थाई दुकानों से वन कर्मियों के शुल्क वसूले जाने के विरोध में व्यापार संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया है।
व्यापार संघ के अध्यक्ष रामचंद्र गोस्वामी ने बताया कि गौरीकुंड से जंगलचट्टी तक कई स्थानों पर स्थानीय व्यापारी लंबे समय से अस्थाई दुकानें लगाकर यात्रियों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष वन विभाग द्वारा अचानक शुल्क की मांग की जा रही है, जिसे व्यापारी जबरन वसूली के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये व्यापारी न केवल वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं, बल्कि केदारनाथ यात्रा के सुचारू संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बिना पूर्व सूचना या स्पष्ट नीति के शुल्क वसूली करना व्यापारियों के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान करने वाला है। व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट गौरीकुंड के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को ज्ञापन सौंपते हुए इस समस्या के त्वरित समाधान की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस मामले का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ, तो गौरीकुंड के सभी व्यापारी संगठन एकजुट होकर व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।