रुद्रप्रयाग। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चैधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सुशासन, विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य विभिन्न विकास मानकों पर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश विकसित उत्तराखंड-2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
मंत्री चैधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1492 से अधिक सड़कों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसे महत्वाकांक्षी कार्य प्रदेश की आधारभूत संरचना को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रत्येक वर्ष नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार तथा पर्यटन आधारित रोजगार को व्यापक लाभ मिल रहा है। शीतकालीन चारधाम यात्रा के प्रारंभ होने से धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है।
उद्योग एवं निवेश के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के माध्यम से 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं तथा 5 लाख 11 हजार परिवार इनसे जुड़े हुए हैं। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 2 लाख 83 हजार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया गया है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत एवं अटल आयुष्मान योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ ऊर्जा तथा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चैधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन संवर्धन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।