पुरानी पेंशन बहाली को मोर्चा ने दी तहसील में दस्तक
-हिमाचल प्रदेश सरकार का अनुसरण करे धामी सरकार
पहाड़वासी
विकासनगर/देहरादून। जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कार्मिकों की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में तहसील में घेराव प्रदर्शन कर मा. मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम, विकासनगर विनोद कुमार को सौंपा। नेगी ने कहा कि वर्ष 2005 से प्रदेश के कार्मिकों की पेंशन बंद कर दी गई तथा उसके स्थान पर (झुनझुनानुमा) अंशदाई पेंशन योजना लागू की गई, जोकि कार्मिकों के साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी है द्यउक्त अंशदाई पेंशन योजना से कोई कार्मिक अपने चाय-पानी का इंतजाम करना तो दूर, छोटी -मोटी बीमारी के मामले में उसका खर्च उठाना भारी पड़ता है तथा उसे अपने बच्चों पर आश्रित होना पड़ता है, क्योंकि गोल्डन कार्ड इत्यादि का लाभ सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने पर ही मिलता है।
नेगी ने कहा कि देश के इतिहास में इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि एक विधायक शपथ ग्रहण करते ही मृत्यु को प्राप्त हो जाए अथवा तुरंत इस्तीफा दे दे तो आजीवन पारिवारिक पेंशन पेंशन का हकदार हो जाता है द्य विधायकों (अधिकांश) के मामले विधायक अपने कार्यकाल में 18-20 करोड रुपए की विधायक निधि में कमीशन खोरी, अप्रत्यक्ष तौर पर अपने गुर्गों के माध्यम से रेता-बजरी का अवैध कारोबार, सरकारी ठेकों में दलाली एवं अन्य दलाली कर करोड़ों रुपए की काली कमाई कर अकूत संपत्ति अर्जित कर लेता है, बावजूद इसके पेंशन का हकदार हो जाता है द्य नेगी ने कहा कि बहुत कम संसाधनों वाली हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में कार्मिकों की पुरानी पेंशन योजना बहाल ध्लागू कर दी है द्य धामी सरकार को भी हिमाचल की तर्ज पर कर्मियों की पेंशन बहाल करनी चाहिए, जिससे उनका जीवन आसानी से बसर हो सकें। घेराव प्रदर्शन में-मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, हाजी असद, ओम प्रकाश राणा, मुजीब-उर- रहमान (सलीम), प्रवीण शर्मा पिन्नी, जय देव नेगी, रूपचंद, भजन सिंह नेगी, सरफराज, नरेंद्र तोमर, मोहम्मद इस्लाम मो. नसीम, मो. आसिफ, मनोज राय, राजेंद्र पंवार, मामराज सिंह, माशूक, शमशाद, किशन पासवान, भीम सिंह बिष्ट, आशीष सिंह, इदरीश, श्रवण गर्ग, सलीम मिर्जा, मुकेश पसबोला, इदरीश, गयूर, गोविंद सिंह नेगी, दिनेश राणा, देव सिंह चैधरी, जाबिर हसन, सुनील कुमार, जयपाल सिंह, अशोक गर्ग, शेर सिंह चैधरी, विनोद रावत आदि मौजूद थे।
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