सीमांत गांव कनोल में ‘मुन्दोली राइडर्स क्लब’ की प्रेरणादायक बैठक, प्रतिभाओं की खोज - Pahadvasi

सीमांत गांव कनोल में ‘मुन्दोली राइडर्स क्लब’ की प्रेरणादायक बैठक, प्रतिभाओं की खोज

कनोल (चमोली, उत्तराखंड)। सीमांत गांव कनोल में ‘मुन्दोली राइडर्स क्लब’ द्वारा आयोजित एक औपचारिक बैठक ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में 100 से अधिक ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि पहाड़ के लोग अपने बच्चों के भविष्य और गांव के विकास के लिए कितने सजग और उत्साहित हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य गांव में क्लब की गतिविधियों का विस्तार करना और हिमालयी क्षेत्र में छिपी प्रतिभाओं की पहचान (टैलेंट हंट) करना था।

इस कार्यक्रम में गांव के प्रधान पूजा देवी, श्री हिम्मत सिंह, श्री धीरज सिंह, श्री कलम सिंह, विमला देवी, कमला देवी, अनीता देवी, देव सिंह, बलवंत सिंह, प्रदीप सिंह, हीरा सिंह नेगी, गब्बर सिंह, हीरा सिंह बिष्ट, धीरज सिंह  सहित कई गणमान्य व्यक्ति, महिलाएं, बच्चे उपस्थित रहे। मुन्दोली राइडर्स क्लब की ओर से दो प्रतिनिधि—संस्थापक, पूर्व सैनिक, अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर और समाजसेवी श्री कलम सिंह बिष्ट तथा उनके सहयोगी सौरव-विशेष रूप से शामिल हुए।

बैठक की शुरुआत गांव के वरिष्ठजनों के स्वागत के साथ हुई, जहां ग्रामीणों ने क्लब के प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया यह स्वागत कार्यक्रम पूरे आयोजन को और भी भावनात्मक और प्रेरणादायक बना गया।

हिमालयी प्रतिभाओं को निखारने की पहल

बैठक के दौरान मुन्दोली राइडर्स क्लब के संस्थापक कलम सिंह बिष्ट ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहाड़ों में असीम संभावनाएं हैं, बस उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं को अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ना भी है।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कनोल गांव में नियमित रूप से दौड़, साइक्लिंग, योग, पर्वतारोहण, बॉक्सिंग, आत्मरक्षा और कंप्यूटर शिक्षा जैसे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में सेना, पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में अपना स्थान बना सकें।

ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता और समर्थन

बैठक में उपस्थित ग्राम प्रधान ने क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम गांव के बच्चों के लिए एक नई दिशा साबित होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राम पंचायत की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

श्री हिम्मत सिंह, धीरज सिंह और अन्य स्थानीय लोगों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से गांव के युवाओं को गांव छोड़कर बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और वे अपने ही क्षेत्र में रहकर आगे बढ़ सकेंगे।

महिलाओं और बच्चों में दिखा विशेष उत्साह

इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी काफी अधिक रही। गांव की महिलाओं ने क्लब की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की इच्छा जताई और कहा कि वे भी आत्मरक्षा, योग और फिटनेस कार्यक्रमों में शामिल होना चाहती हैं।

बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा था। उन्होंने क्लब के प्रतिनिधियों से विभिन्न खेलों और प्रशिक्षण के बारे में सवाल पूछे और जल्द से जल्द प्रशिक्षण शुरू होने की मांग की।

यह उत्साह इस बात का संकेत है कि अगर सही अवसर और मंच मिले, तो पहाड़ के बच्चे भी देश और दुनिया में अपना नाम रोशन कर सकते हैं।

जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि बहुत जल्द कनोल गांव में मुन्दोली राइडर्स क्लब की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इसके लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

कलम सिंह बिष्ट ने भरोसा दिलाया कि क्लब पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ गांव के बच्चों और युवाओं के विकास के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि हर गांव से एक खिलाड़ी, एक सैनिक और एक सफल नागरिक तैयार हो, जो अपने परिवार और देश का नाम रोशन करे।

एक नई शुरुआत की ओर कदम

कनोल गांव में आयोजित यह बैठक केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक नई सोच और परिवर्तन की शुरुआत है। यह पहल न केवल गांव के बच्चों के भविष्य को संवारने में मदद करेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बनेगी।

मुन्दोली राइडर्स क्लब का यह प्रयास यह साबित करता है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सीमांत क्षेत्रों में भी विकास और प्रगति की नई कहानी लिखी जा सकती है।

ग्रामीणों के सहयोग, बच्चों के उत्साह और क्लब के समर्पण के साथ यह पहल निश्चित रूप से आने वाले समय में एक मिसाल बनेगी।