सिरोबगड़ में फिर टूटा पहाड़ का कहर, घंटों थमी बदरीनाथ हाईवे की रफ्तार

-लगातार भूस्खलन से दहशत में यात्री, बारिश थमने के बाद हटाया गया मलबाय मार्ग खुलते ही दौड़ने लगे वाहन

रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल की सीमा पर स्थित सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन रविवार को एक बार फिर पहाड़ के कहर से दहल उठा। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से बार-बार मलबा और पत्थर गिरने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों बाधित रहा। हाईवे पर यातायात थमने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सिरोबगड़ लैंडस्लाइड समस्या करीब तीन दशक से चुनौती बनी हुई है। हर बरसात में पहाड़ी से मलबा आने के कारण बदरीनाथ हाईवे की रफ्तार थम जाती है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

रविवार सुबह से सिरोबगड़ के साथ आसपास के संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन में भी दिनभर पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहा। हालात को देखते हुए संबंधित विभाग की टीमें और मशीनरी मौके पर पहुंचीं और हाईवे से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। लेकिन पहाड़ी से लगातार गिरते मलबे और पत्थरों ने राहत कार्य में भी अड़चनें पैदा कीं। सुरक्षा के लिहाज से कई बार काम रोकना पड़ा।

सायं करीब पांच बजे बारिश थमने के बाद मलबा हटाने का काम तेजी से किया गया। सड़क से मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। मार्ग खुलते ही दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और यात्रियों ने राहत की सांस ली।

हालांकि सिरोबगड़ अभी भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है। बारिश के दौरान यहां पहाड़ी से अचानक मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों से सावधानी बरतने तथा भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचने की अपील की गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मलबा पूरी तरह हटाए जाने के बाद बदरीनाथ हाईवे को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है और वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो गई है।