पिंडरघाटी के सपूत मुन्दोली निवासी कलम सिंह बिष्ट ने लखनऊ (उ.प्र.)में उत्तराखंड का नाम किया रोशन
पहाड़वासी
देहरादून। श्री कलम सिंह बिष्ट अल्ट्रा मैराथन धावक, सोलो क्लाइंबर, हिमालीयन ट्रेकर व प्रकृति प्रेमी है, जो हिमालय की तलहटी में बसा चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के एक छोटे से गांव मुन्दोली निवासी है। 13 नवम्बर 2022 को “द रन” (THE RUN) ग्रुप का मैराथन लखनऊ के इकाना स्टेडियम से प्रारंभ तथा उसी स्टेडियम में संपन्न हुआ जिसमें 42.195 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर फन रन था।
श्री बिष्ट इस रन में अपने लिए नहीं बल्कि किसी ऐसी सकसियत को दौड़ने में सहायता कर रहे थे जो दौड़ना चाहता पर खुद से नहीं दौड़ सकता क्योंकि धावक खुद की आँखों से देख नहीं सकता। काले रंग की टीशर्ट पहने हुए हेमेंद्र देखने से बिल्कुल भी अंधा नहीं लगता है जबकि हेमेंद्र को कुछ भी दिखाई नहीं देता है। यहाँ बात हो रही 25 साल के हेमेंद्र प्रताप सिंह जो मुम्बई के रहने वाले है वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं, हेमेंद्र फिल्मो, क्रिकेट के खिलाड़ी व दृष्टि बाधित लोगो को जीवन में हिम्मत और साहस के साथ आगे बढ़ाना सिखाते है।
श्री बिष्ट को हेमेंद्र के बारे में श्री अनुराग सैनी, रुडकी निवासी ने बताया जो अलग अलग दौडो़ में WORLD RECORD धारक रह चुके हैं तथा वर्तमान में लखनऊ में एसबीआई बैंक में कार्यरत है।
हेमेंद्र का जज्बा देखिए खुद की आँखों से देख नहीं सकता, 42.195 किलोमीटर मैराथन ही दौड़ना है और कम से कम समय में दौड़ समाप्त भी करनी है,यह कहना था हेमेंद्र का और करके दिखाया। हेमेंद्र मैराथन के सभी प्रतिभागियों में 10 पहले खिलाड़ीयो में थे। श्री कलम सिंह बिष्ट ने हेमेंद्र को तो दौड़ाया ही साथ में अपना मेडल भी सुनिश्चित किया।
