मुन्दोली  में मां नंदा देवी का भव्य स्वागत: धर्म भाई बाला द्यौसिंह देवता के जन्मस्थान  मुन्दोली में परिक्रमा की

मुन्दोली (देवाल, चमोली, उत्तराखंड)। मां नंदा देवी राज राजेश्वरी की पवित्र और अलौकिक कैलाश यात्रा के दौरान मुन्दोली गांव में भक्ति और श्रद्धा का अभूतपूर्व माहौल देखने को मिला। यात्रा के इस 11 पड़ाव पर माता नंदा ने अपने धर्म भाई बाला द्यौसिंह देवता के जन्मस्थान मुन्दोली गांव में प्रवेश किया। इस अवसर पर मां नंदा देवी ने अपने भाई के पावन जन्मस्थान की विधिवत परिक्रमा की और कुछ समय के लिए वहां विश्राम कर अपना आसन ग्रहण किया।

जैसे ही मां नंदा देवी की डोली और भव्य यात्रा मुन्दोली पहुंची, पूरे क्षेत्र के श्रद्धालु भक्त माता के दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। भक्तों ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया, भेंट चढ़ाई और पूरी भक्ति भावना के साथ सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

अल्प विश्राम के उपरांत माता नंदा ने अपने धर्म भाई बाला द्यौसिंह देवता से दुर्गम कैलाश यात्रा के आगे के पथ प्रदर्शन और मार्ग की अगवानी के लिए साथ चलने का छोटा सा आग्रह (अनुरोध) किया। आग्रह के पश्चात माता ने अपने आगामी पड़ाव वान की ओर यात्रा जारी रखी।

उल्लेखनीय है कि बाला द्यौसिंह देवता, लाटू देवता की तरह ही युगों-युगों से मां नंदा देवी यात्रा में अगवान (पथ प्रदर्शक) की भूमिका निभाते आ रहे हैं। द्यौसिंह देवता का जन्मस्थान मुन्दोली गांव है, जबकि वर्तमान में वे सुतोल गांव में भूमि के देवता यानी ‘भूमियाल’ के रूप में पूजे जाते हैं। परंपरा के अनुसार, द्यौसिंह देवता, लाटू देवता की उपस्थिति के बिना कैलाश मार्ग की कठिन यात्रा को सुगम नहीं माना जाता। यह यात्रा लोक संस्कृति, भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और अटूट आस्था की मिसाल बनकर आगे बढ़ रही है।