आईजी एसटीएफ और डीआईजी गढ़वाल ने किया कांवड मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। धर्मनगरी में कांवड़ियों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसे में मेला क्षेत्र की सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सोमवार को उत्तराखंड के आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और डीआईजी गढ़वाल धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं पर उनका फीडबैक भी लिया।

आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने एसएसपी हरिद्वार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ पटरी और बैरागी कैंप क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन, भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील स्थलों पर तैनात पुलिस बल की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। आईजी एसटीएफ ने कई कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के संबंध में उनका फीडबैक भी लिया। हालांकि श्रद्धालुओं ने सभी व्यवस्थाएं बेहतर बताई। उनसे मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।

पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि 4 अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक तेजी आएगी। इसे देखते हुए पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

वहीं डाक कांवड़ को लेकर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। सभी पार्किंग में वाहन खड़े होने की व्यवस्था की गई है। डाक कांवड़ शुरू होते ही कांवड़ पटरी पर भीड़ का दबाव कम होगा और हाईवे से सारा ट्रैफिक गुजरेगा. ऐसे में पुलिस प्रशासन की चुनौती बढ़ जाएगी।